Hathras Gangrape / शिवसेना ने हाथरस गैंगरेप को लेकर कंगना को किया इशारा, दे दी ये नसीहत

हाथरस गैंगरेप को लेकर हर तरफ आक्रोश है और सभी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे है। हाथरस मुद्दे पर शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने अभिनेत्री कंगना रनौत को खरी खोटी सुनाई है। प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा है कि जो कंगना कुछ ही दिन पहले मुंबई पुलिस को कोस रही थीं और महाराष्ट्र सीएम के बारे में आपत्तिजनक बयान कर रही थी कि क्या हाथरस के मुद्दे पर पर उनके मुंह में दही जम गया है।

Hathras Gangrape: हाथरस गैंगरेप को लेकर हर तरफ आक्रोश है और सभी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे है। हाथरस मुद्दे पर शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने अभिनेत्री कंगना रनौत को खरी खोटी सुनाई है। प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा है कि जो कंगना कुछ ही दिन पहले मुंबई पुलिस को कोस रही थीं और महाराष्ट्र सीएम के बारे में आपत्तिजनक बयान कर रही थी कि क्या हाथरस के मुद्दे पर पर उनके मुंह में दही जम गया है। 

बता दें कि अभिनेत्री कंगना रनौत और महाराष्ट्र सरकार के बीच अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की खुदकुशी को लेकर बयानबाजी का लंबा दौर चला था। बीएमसी ने कंगना रनौत का कथित अवैध निर्माण भी ढहा दिया था। इस दौरान कंगना ने महिला सुरक्षा को लेकर महाराष्ट्र सरकार को लगातार घेरा था। 

हाथरस मुद्दे पर कंगना ने एक अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से एक ट्वीट किया है। कंगना ने 30 सितंबर को लिखा था कि उन्हें योगी सरकार की काबिलियत पर भरोसा है और उन्हें उम्मीद है कि हाथरस की पीड़िता को इंसाफ मिलेगा। 

इस बीच शनिवार को शिवसेना की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट किया कि, "दिन रात मुंबई पुलिस को कोसने के लिए जिनको Y+ सिक्युरिटी से नवाजा गया, जो ‘महिलाओं’ की ‘बुलंद आवाज’ बनकर, मुख्यमंत्री और राज्य के बारे में आपत्तिजनक बयानबाजी कर रहीं थी, मीडिया की चहेती थीं, उनके मुंह में दही जम गया है क्या? उनका कोई ट्वीट भी नहीं दिख रहा हाथरस के मुद्दे पर।"

एक दूसरे ट्वीट में प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि झांसी की वीर रानी और झांसों की इकलौती रानी में जो जमीन-आसमान का अंतर अब लोगों को समझ आ ही गया होगा। 

शनिवार को शिवसेना के मुखपत्र सामना में भी हाथरस के मुद्दे पर यूपी सरकार की तीखी आलोचना की गई है। अखबार लिखता है कि पालघर में दो साधुओं की लिंचिंग पर हमला करने वाले लोग बेटी की हिफाजत न कर पाने पर चुप हैं। आखिर ये कैसा इंसाफ है।