देश / बजट सत्र को लेकर संशय, संसद भवन पर कहर बनकर टूटा है कोरोना

संसद भवन के कर्मचारियों पर कोरोना कहर बनकर टूट पड़ा है। राज्यसभा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को हिन्दुस्तान टाइम्स को बताया कि अब तक संसद भवन के 700 से अधिक अधिकारी कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से अधिकांश असिम्प्टोमैटिक पाए गए हैं। अधिकारी 31 जनवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र से पहले कोरोना के प्रसार को लेकर चिंतित हैं।

New Delhi : संसद भवन के कर्मचारियों पर कोरोना कहर बनकर टूट पड़ा है। राज्यसभा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को हिन्दुस्तान टाइम्स को बताया कि अब तक संसद भवन के 700 से अधिक अधिकारी कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से अधिकांश असिम्प्टोमैटिक पाए गए हैं। अधिकारी 31 जनवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र से पहले कोरोना के प्रसार को लेकर चिंतित हैं।

राज्यसभा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “4 दिसंबर से अब तक संसद भवन परिसर में परीक्षण किए गए लोगों में से 718 कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। इनमें राज्यसभा सचिवालय के 204 कर्मचारी भी शामिल हैं। बाकी लोकसभा सचिवालय और संसद से संबंधित अन्य सेवाओं से हैं।”

आपको बता दें कि 9 जनवरी तक संसद में लगभग 400 कोरोनना के मामले थे। नया आंकड़ा संसद के अधिकारियों के बीच केवल तीन दिनों में मामलों में 43 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

मामले से परिचित अधिकारियों ने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा दोनों ने अपने एक तिहाई कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए कहा है। दोनों सदनों ने अपने 50% अधिकारियों और अवर सचिव / कार्यकारी अधिकारी के पद से नीचे के कर्मचारियों को जनवरी के अंत तक घर से काम करने का निर्देश दिया है।

राज्यसभा के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “कोरोना की तीसरी लहर के बीच बजट सत्र कैसे आयोजित किया जाए इसको लेकर मंथन जारी है। राज्यसभा अध्यक्ष एम वेंकैया नायडू ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के साथ स्थिति की समीक्षा की और दोनों सदनों के महासचिवों को विकल्पों का पता लगाने के लिए कहा गया है।”

उन्होंने कहा, “हम विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। लेकिन अंतिम विकल्प इस महीने के अंत में कोविड की स्थिति पर निर्भर करेगा। लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति की बैठक 25 या 26 जनवरी के आसपास होगी ताकि यह तय किया जा सके कि सत्र कैसे चलाया जाए।”