Lucknow University / पढ़ाई के WhatsApp group में अश्लील तस्वीरों से हड़कंप, आरोपी छात्रों की तलाश जारी

उत्तर प्रदेश के लखनऊ विश्वविद्यालय (Lucknow University) में प्राचीन भारतीय इतिहास और पुरातत्व (AIHA) विभाग के छात्रों द्वारा बनाए गए एक व्हाट्सएप ग्रुप (WhatsApp group) में अश्लील फोटो और भद्दे कमेंट फ्लैश होने लगे है। इस घटनाक्रम के बाद जहां छात्रों और परिजनों में नाराजगी है। वहीं इसी सिसलिसे में यूनिवर्सिटी के मुख्य अधीक्षक ने हसनगंज थाने में शिकायत (FIR) दर्ज कराई गई है। फिलहाल आरोपी छात्रों की फिलहाल पहचान नहीं

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के लखनऊ विश्वविद्यालय (Lucknow University) में प्राचीन भारतीय इतिहास और पुरातत्व (AIHA) विभाग के छात्रों द्वारा बनाए गए एक व्हाट्सएप ग्रुप (WhatsApp group) में अश्लील फोटो और भद्दे कमेंट फ्लैश होने लगे है। इस घटनाक्रम के बाद जहां छात्रों और परिजनों में नाराजगी है। वहीं इसी सिसलिसे में यूनिवर्सिटी के मुख्य अधीक्षक ने हसनगंज थाने में शिकायत (FIR) दर्ज कराई गई है। फिलहाल आरोपी छात्रों की फिलहाल पहचान नहीं हो पाई है। 

शनिवार रात का मामला

दरअसल अपने सब्जेक्ट के पेपर प्रेजनटेशन के लिए विभागाध्यक्ष के निर्देश पर बनाऐ गऐ व्हाट्सएप ग्रुप में शनिवार देर रात अश्लील फोटो और भद्दे संदेश पोस्ट किए गए थे। ग्रुप में जुड़ने के लिए शिक्षकों द्वारा सरकुलेट एक लिंक के माध्यम से बीए में पढ़ने वाले करीब 170 छात्रों को जोड़ा गया था। इसी दौरान अचानक कुछ छात्र भद्दे मैसेज यानी पॉर्न कंटेट (Porn content) पोस्ट कर बाहर निकल गए और बाद में फिर से ग्रुप में शामिल हो गए।

छात्राओं ने बताई मुश्किल

इस ग्रुप की एक छात्रा ने कहा, 'शनिवार देर रात के करीब 11।58 बजे, हमारे पुरुष सहपाठी के नाम और फोन नंबर के साथ ग्रुप पर पहली अश्लील तस्वीर पोस्ट हुई जिसमें तस्वीर के साथ एक संदेश भी था। इस मैसेज से 4 छात्राओं को टारगेट किया गया था। इसके बाद क्लास की अन्य लड़कियों और विभाग के शिक्षकों के लिए भी अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया।


'यूनिवर्सिटी प्रशासन ने की देरी'

जब शुरुआती शिकायतों के बावजूद यूनिवर्सिटी अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की तो करीब 50% छात्र इस ग्रुप से बाहर हो गए। इसके बाद रविवार को डिपार्टमेंट के एचओडी पीयूष भार्गव ने एलयू प्रॉक्टर को एक शिकायत भेजी जिसके बाद मुख्य प्रॉक्टर दिनेश कुमार ने शिकायत दर्ज कराने के लिए आवेदन भेजा। इस मामले में पुलिस की जांच जारी है। महामारी के दौरान शिक्षा देने के लिए ऑनलाइन माध्यम एक बड़े विकल्प के तौर पर उभरे हैं लेकिन इस तरह के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं।