नई दिल्ली / दिल्ली: इंच-इंच बढ़ रहा बाढ़ का खौफ, आज पानी जा सकता है 207 मीटर पार

हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी की वजह से राजधानी दिल्ली में यमुना नदी उफान पर है। बढ़े पानी के स्तर से आज राहत मिलने के आसार हैं, लेकिन फिलहाल के लिए लोगों की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। यमुना नदी में आज सुबह 7 बजे जलस्तर 206:60 मीटर था। आज दोपहर तक जलस्तर 207 मीटर पार जा सकता है। रात 9 बजे जलस्तर 206.40 दर्ज किया गया था। देखते हुए पुराने लोहे के पुल को बंद कर दिया गया। निगम बोध घाट भी यमुना के पानी में डूब चुका है।

नई दिल्ली. हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी की वजह से राजधानी दिल्ली में यमुना नदी उफान पर है। बढ़े पानी के स्तर से आज राहत मिलने के आसार हैं, लेकिन फिलहाल के लिए लोगों की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। कुछ रास्ते बंद कर दिए गए हैं, कई लोगों को टेंटों में शिफ्ट किया गया है। बाढ़ की वजह से दिल्ली में पानी की सप्लाई पर भी असर पड़ा है। बाढ़ से जुड़ी अबतक की सभी अपडेट्स यहां पढ़ें 

207 तक पहुंच सकता है जलस्तर 

यमुना नदी में आज सुबह 7 बजे जलस्तर 206:60 मीटर था। आज दोपहर तक जलस्तर 207 मीटर पार जा सकता है। रात 9 बजे जलस्तर 206.40 दर्ज किया गया था। इसे देखते हुए पुराने लोहे के पुल को बंद कर दिया गया। निगम बोध घाट भी यमुना के पानी में डूब चुका है। 

पानी में गंदगी बढ़ी, दिल्ली में पानी की किल्लत 

यमुना में आई बाढ़ की वजह से इस समय यमुना के पानी में गंदगी (टरबिडिटी) अधिक है। पानी में मिट्टी के अलावा भी कई चीजें घुलकर आ रही हैं। जिसकी वजह से दिल्ली के दो प्लांट में पंपिंग नहीं हो पा रही है। इसके चलते आज से पूरी दिल्ली में पानी की किल्लत हो सकती है। बाढ़ के चलते इस समय यमुना के पानी में मिट्टी, टहनियां, पत्ते काफी अधिक आ रहे हैं। जिसकी वजह से यह सब मशीनरी के पार्ट में फंस रहे हैं। डीजेबी के अनुसार, यमुना के पानी में आ रही मिट्टी, पत्ते और टहनियां सबसे बड़ी परेशानी हैं। 

तलहटी के लोगों को जानवरों की चिंता 

प्रशासन ने निचले इलाकों को खाली कराने का अभियान मंगलवार से और तेज कर दिया है, लेकिन मयूर विहार, डीएनडी, गीता कॉलोनी और आईटीओ के आस-पास के इलाकों में कई लोग अब भी अपनी झुग्गियों में ही रह रहे हैं। उनका कहना था कि जब पानी उनके घर के नजदीक आएगा, तो वो टेंटों में चले जाएंगे। अभी वे अपना घर नहीं छोड़ना चाहते। लेकिन जिनके पास भैंस, बकरियां, ऊंट आदि जानवर भी हैं, उन्हें यह चिंता सता रही है कि उनके पालतू पशु कहां जाएंगे। 

ट्रेनों का रूट बदला 

यमुना में पानी बढ़ने की वजह से एहतियातन लोहे के पुल पर रेल यातायात रोक दिया गया है, जिसकी वजह से लंबी दूरी की ट्रेनों को आनंद विहार, तिलक ब्रिज, नई दिल्ली होते हुए पुरानी दिल्ली पहुंचाया जा रहा है। कुछ EMU को रद्द भी करना पड़ा है। रूट बदलने की वजह से सफर लंब बी हुआ। शिवाजी ब्रिज पहुंची मसूरी एक्सप्रेस लेट हुई। ये देहरादून से पुरानी दिल्ली आती है। करीब 20 किमी का सफर 1:30 घंटे में तय किया। 

प्रशासन तैयार, हर जगह टेंट 

प्रशासन ने आईटीओ, मयूर विहार, अक्षरधाम, गीता कॉलोनी में यमुना के निचले इलाकों से कई लोगों को टेंटों में शिफ्ट करवाया। हालात को देखते हुए अतिरिक्त टेंटों की भी व्यवस्था की जा रही है। विकास मार्ग के दोनों तरफ और हाथी घाट के आस-पास कुल 150 टेंट लगाए गए हैं, जबकि अक्षरधाम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और गीता कॉलोनी पुश्ता के आस-पास भी बाढ़ प्रभावितों के रहने के इंतजाम किए गए हैं। रिंग रोड बायपास के आस-पास यमुना के नजदीकी इलाकों में बाढ़ के पानी को दाखिल होने से रोकने के लिए रेत और मिट्टी की बोरियां भर भरकर भी जगह-जगह पहुंचाई और लगवाई जा रही हैं।