Tesla Factory In India / इंडिया में टेस्ला लाकर, क्या डोनाल्ड ट्रंप को एलन मस्क देंगे 'धोखा'?

टेस्ला भारत में एंट्री के लिए तैयार है, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने इसे 'Very Unfair' बताया. भारत ने ईवी पॉलिसी में बदलाव कर इंपोर्ट ड्यूटी घटाई, जिससे टेस्ला को राहत मिली. हालांकि, ट्रंप इसे 'मेक इन अमेरिका' नीति के खिलाफ मान रहे हैं. क्या मस्क ने ट्रंप को झटका दिया?

Tesla Factory In India: दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी टेस्ला अब भारत आने को पूरी तरह तैयार है। एलन मस्क साल 2022 से टेस्ला की भारत में एंट्री की कोशिश कर रहे हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एलन मस्क की अमेरिका में मुलाकात हुई, जिसके बाद टेस्ला ने भारत में अपने शोरूम के लिए लीज पर जगह लेने और स्टाफ की हायरिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

भारत में टेस्ला की एंट्री और नीतिगत बदलाव

एलन मस्क की टेस्ला भारत में आने को लेकर हमेशा यह शिकायत करते रहे हैं कि यहां इंपोर्ट ड्यूटी बहुत ज्यादा है। अब भारत सरकार ने अपनी ईवी पॉलिसी में बदलाव किया है, जिसके तहत टेस्ला को हर साल 8,000 कारें सिर्फ 15 प्रतिशत इंपोर्ट ड्यूटी देकर लाने की अनुमति दी गई है। हालांकि, इसके लिए टेस्ला को भारत में कम से कम 50 करोड़ डॉलर का निवेश करना होगा और असेंबलिंग लाइन (फैक्टरी) लगाने की प्रतिबद्धता जतानी होगी।

क्या अमेरिका के लिए अनुचित होगा मस्क का यह कदम?

टेस्ला की भारत में बढ़ती रुचि को लेकर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चिंता जताई है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने कहा कि अगर एलन मस्क भारत में फैक्टरी लगाते हैं, तो यह अमेरिका के लिए "बहुत अनुचित" होगा। ट्रंप लंबे समय से अमेरिकी उत्पादों पर अन्य देशों द्वारा लगाए जाने वाले उच्च टैरिफ के खिलाफ मुखर रहे हैं।

व्हाइट हाउस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत अमेरिका से मोटरसाइकिल आयात करने पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाता है, जबकि अमेरिका भारत से आयातित मोटरसाइकिल पर केवल 2.4 प्रतिशत ही टैक्स लेता है। ट्रंप ने इस संदर्भ में कहा कि यदि मस्क भारत में निवेश करते हैं, तो यह अमेरिकी व्यापार नीति के खिलाफ जा सकता है।

ट्रंप प्रशासन में मस्क की भूमिका

डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में एलन मस्क को काफी प्रभावशाली भूमिका दी गई है। ट्रंप प्रशासन ने 'डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी' बनाया है, जिसका प्रमुख एलन मस्क को नियुक्त किया गया है। यह विभाग अमेरिकी सरकारी खर्चों की निगरानी और धन की अनियमितताओं को उजागर करने का कार्य कर रहा है। ऐसे में मस्क द्वारा भारत में फैक्टरी लगाना ट्रंप की नीतियों के विरोधाभासी हो सकता है।

'मेक इन अमेरिका' नीति पर प्रभाव

डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में 'वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम' में 'मेक इन अमेरिका' नीति का समर्थन करते हुए वैश्विक कंपनियों को अमेरिका में निर्माण करने के लिए प्रेरित किया था। उन्होंने यह भी कहा था कि जो कंपनियां अमेरिका से बाहर उत्पादन करेंगी, उन्हें भारी टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है।

निष्कर्ष

एलन मस्क द्वारा भारत में टेस्ला की फैक्टरी लगाने का फैसला भारतीय बाजार के लिए एक बड़ा कदम है, लेकिन यह अमेरिका और ट्रंप प्रशासन के लिए एक चुनौती बन सकता है। मस्क को यह तय करना होगा कि वे भारत में अपने विस्तार को कैसे संतुलित करें ताकि अमेरिकी नीतियों और व्यापार संबंधों पर इसका नकारात्मक प्रभाव न पड़े।