दिल्ली / दिल्ली में 10वीं व 12वीं के छात्रों को स्कूल आने के लिए माता-पिता की लिखित सहमति की ज़रूरत

दिल्ली सरकार ने कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों को बोर्ड परीक्षा के मार्गदर्शन को लेकर स्कूल आने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। दिशानिर्देश के मुताबिक, छात्रों को स्कूल आने के लिए अपने माता-पिता की लिखित सहमति की ज़रूरत होगी। एक सरकारी आदेश के मुताबिक, स्कूल में घुसने से पहले सभी छात्रों, स्टाफ को थर्मल स्कैनिंग से गुज़रना होगा।

Delhi Me Kab Khulenge School College: कोरोना के मामले कम होने के बाद बाद दिल्ली में सोमवार से 10वीं और 12वीं कक्षा तक के छात्रों को नामांकन, बोर्ड परीक्षाओं के प्रैक्टिकल गतिविधियों के लिए स्कूल जाने की इजाजत दी गई. हालांकि साथ-साथ कई पाबंदियां भी लागू रहेंगी. इसके लिए दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने SOP जारी किया है. सरकार ने एक दिन पहले ही 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए एडमिशन संबंधित मामलों के लिए, काउंसलिंग या गाइडेंस के लिए या फिर बोर्ड एग्जाम के प्रैक्टिकल संबंधित एक्टिविटीज के लिए स्कूल आने की अनुमति दी थी.

शिक्षा निदेशालय की तरफ से जारी SOP के अनुसार, जो छात्र स्कूल जाना चाहते हैं उन्हें अपने माता-पिता से सहमति पत्र लेकर आना होगा. इसके साथ-साथ ऑनलाइन क्लास को भी जारी रखा जाएगा. जो छात्र ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं उन्हें इसकी इजाजत होगी. कोरोना के किसी भी लक्षण वाले छात्र या टीचर को स्कूल में आने की अनुमति नहीं होगी.

इसके साथ-साथ स्कूल के एंट्री गेट पर अनिवार्य रूप से थर्मल स्कैनिंग होगी. इसके अलावा स्कूल एंट्री, क्लासरूम एंट्री, लैबोरेट्री या अन्य सार्वजनिक जगहों की एंट्री पर हैंड सैनिटाइज रखना जरूरी होगा. स्कूल के अंदर इमरजेंसी हालात के लिए एक क्वारेंटीन रूम का भी इंतजाम रखना होगा. उधर, दिल्ली में स्कूलों को खोलने को लेकर (Delhi School College Reopening Update) डिप्टी सीएम और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने अभिभावकों से भी राय मांगी थी. वहीं, दो दिन पहले DDMA की बैठक में भी स्कूलों को खोले जाने को लेकर चर्चा हुई थी.

DDMA की बैठक में यह तय किया गया था कि फिलहाल स्कूलों को खोला जाए या नहीं इसके लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा. कमेटी में शिक्षा और स्वास्थ्य विभागों के अधिकारियों के साथ विशेषज्ञ शामिल होंगे. कमेटी द्वारा दी गई सलाह के मुताबिक स्कूलों के लिए SOP तैयार की जाएगी. इसके साथ साथ SOP का पालन करने और इसे लागू करवाने के लिए स्कूलों की तैयारी पर सुझाव देना होगा. इसके साथ-साथ कमेटी द्वारा योजना का मूल्यांकन और अंतिम रूप देने की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी. इसके बाद ही स्कूल खोलने के संबंध में कोई भी फैसला लिया जाएगा.