- भारत,
- 01-Mar-2025 10:27 PM IST
Haryana Paper Leak: हरियाणा में हाल ही में सामने आए पेपर लीक मामले में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। इस मामले में पांच इनविजिलेटरों (चार सरकारी और एक निजी) के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया गया है। इसके साथ ही, चार बाहरी व्यक्तियों और आठ विद्यार्थियों पर भी एफआईआर दर्ज की गई है।
इसके अलावा, सभी चार सरकारी इनविजिलेटरों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि दो सेंटर सुपरवाइजरों को भी उनके पद से हटा दिया गया है। जांच में दोषी पाए गए 25 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भी निलंबित कर दिया गया है, जिसमें चार डीएसपी, तीन एसएचओ और एक चौकी इंचार्ज भी शामिल हैं।भूपेंद्र सिंह हुड्डा का सरकार पर हमलाइस मामले को लेकर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को विधानसभा के आगामी बजट सत्र में पुरजोर तरीके से उठाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में लगातार पेपर लीक हो रहे हैं और भाजपा सरकार पेपर लीक माफिया को संरक्षण दे रही है।हुड्डा ने कहा कि भाजपा शासन के दौरान बोर्ड परीक्षाओं से लेकर भर्ती परीक्षाओं तक, हर परीक्षा में घोटाले हुए हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। कांग्रेस द्वारा जारी बयान के अनुसार, हुड्डा ने खनन घोटाले समेत अन्य भ्रष्टाचार के मामलों का भी उल्लेख करते हुए राज्य में बढ़ती बेरोजगारी और अपराध पर चिंता जताई।बजट सत्र और राज्य की वित्तीय स्थिति पर टिप्पणीपूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा ने राज्य के आगामी बजट सत्र को लेकर भी अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जनता को इस बजट से कोई उम्मीद नहीं है क्योंकि भाजपा सरकार ने पिछले 10 वर्षों में राज्य के कर्ज को बढ़ाने के अलावा कुछ नहीं किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने अपने चुनावी वादों को पूरा नहीं किया और प्रदेश में कोई बड़ा उद्योग, विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज या महत्वपूर्ण संस्थान स्थापित नहीं किया।हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र 7 मार्च से शुरू होगा, जिसमें राज्यपाल के अभिभाषण से कार्यवाही की शुरुआत होगी। इस दौरान विपक्षी दलों द्वारा पेपर लीक मामले को प्रमुखता से उठाए जाने की संभावना है।निष्कर्षहरियाणा में पेपर लीक मामला एक गंभीर मुद्दा बन चुका है, जिस पर सरकार द्वारा लिए गए सख्त निर्णय से यह स्पष्ट है कि प्रशासन इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठा रहा है। हालांकि, विपक्ष सरकार को इस मुद्दे पर घेरने की पूरी तैयारी में है, जिससे आगामी बजट सत्र में तीखी बहस होने की संभावना है।