Sunita Williams: भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विल्मोर 278 दिनों तक अंतरिक्ष में रहने के बाद सुरक्षित रूप से धरती पर लौट आए हैं। लंबे अंतरिक्ष प्रवास के बाद दोनों एस्ट्रोनॉट फिलहाल रिकवरी मोड में हैं। मंगलवार को पहली बार वे मीडिया के सामने आए और अपने अनुभव साझा किए। सुनीता विलियम्स ने कहा कि उन्हें वापस धरती पर आकर बेहद अच्छा महसूस हो रहा है।
अंतरिक्ष से भारत कैसा दिखता है?
मीडिया से बातचीत के दौरान जब सुनीता से पूछा गया कि अंतरिक्ष से भारत कैसा दिखता है, तो उन्होंने कहा कि भारत एक शानदार देश है। उन्होंने बताया कि दिन और रात के समय भारत को देखना अविश्वसनीय अनुभव था। अंतरिक्ष से भारत के विविध रंग और भौगोलिक विशेषताएँ स्पष्ट रूप से नजर आती हैं। विशेष रूप से हिमालय का दृश्य अत्यंत अद्भुत था।
सुनीता ने बताया, "हर बार जब हम हिमालय के ऊपर से गुजरे, बुच ने वहां की अविश्वसनीय और शानदार तस्वीरें खींचीं। अंतरिक्ष से देखने पर हिमालय की चोटियाँ लहरों जैसी प्रतीत होती हैं, और नीचे भारत की ओर प्रवाहित होती दिखती हैं। इतनी ऊंचाई से भारत को देखना एक रोमांचक और मनमोहक अनुभव है।"
286 दिनों के बाद पृथ्वी पर वापसी
नासा की एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स 286 दिनों के अंतरिक्ष मिशन के बाद 19 मार्च को पृथ्वी पर लौटीं। उनका यह मिशन न केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण था, बल्कि अंतरिक्ष में जीवन के नए पहलुओं को भी उजागर करने वाला रहा।
जल्द भारत की यात्रा करेंगी सुनीता
भारतीय मूल की इस अंतरिक्ष यात्री ने भारत के साथ अपने गहरे संबंधों पर बात करते हुए कहा कि वे जल्द ही भारत आएंगी। उन्होंने कहा, "मैं निश्चित रूप से अपने पिता के देश भारत आऊंगी। एक्सिओम मिशन में भारत की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण रही है, और मैं इस पर गर्व महसूस करती हूं।"
भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की प्रशंसा
सुनीता विलियम्स ने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत ने अंतरिक्ष क्षेत्र में बड़ी प्रगति की है और आने वाले वर्षों में और अधिक सफलता हासिल करेगा। उन्होंने विशेष रूप से गगनयान मिशन और उसके दल का उल्लेख किया।
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला से मिलने की इच्छा
सुनीता ने यह भी बताया कि वे गगनयान मिशन का हिस्सा रहे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला से मिलने की उम्मीद कर रही हैं। इसके अलावा, उन्होंने एक्सिओम-4 मिशन का भी जिक्र किया, जिसमें भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों की भागीदारी हो सकती है।
सुनीता विलियम्स की यह अंतरिक्ष यात्रा एक ऐतिहासिक उपलब्धि रही है। उनकी वापसी के बाद उनके अनुभव और भारत के प्रति उनके प्रेम ने सभी को प्रेरित किया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत यात्रा के दौरान वे क्या नई बातें साझा करती हैं और भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम में उनकी क्या भूमिका रहती है।