Share Market News: शुक्रवार को सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 400 से अधिक अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ। खास बात यह है कि सेंसेक्स अपने रिकॉर्ड हाई से 12% से ज्यादा नीचे आ चुका है। जानकारों का मानना है कि इस गिरावट की मुख्य वजह मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों में आई भारी बिकवाली है।
मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भारी गिरावट
अगर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों की बात करें, तो ये अपने रिकॉर्ड हाई से 19-21% तक नीचे आ चुके हैं। इन शेयरों में अमूमन खुदरा निवेशकों की ज्यादा भागीदारी होती है, जिससे गिरावट का प्रभाव भी सबसे ज्यादा इन्हीं पर पड़ता है। जब इन शेयरों में गिरावट आती है, तो खुदरा निवेशकों को बड़ा नुकसान होता है।
सेबी चीफ माधबी पुरी बुच का बयान
इस संदर्भ में सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच का बयान चौंकाने वाला है। उन्होंने मिड और स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि रेगुलेटर ने पहले ही इस बारे में चिंता जाहिर कर दी थी और अब किसी नए बयान की जरूरत नहीं है। सवाल उठता है कि क्या पहले आई तेजी अनावश्यक थी और क्या यही तेजी अब बाजार को नुकसान पहुंचा रही है?
पिछली चेतावनी और मौजूदा हालात
मार्च 2024 में सेबी ने उच्च वैल्यूएशन को लेकर चेतावनी दी थी। बुच ने कहा था कि बाजार में "झाग" है, जिसे बनने देना उचित नहीं होगा। उन्होंने कुछ कंपनियों के वैल्यूएशन को तर्कहीन बताया था। उस समय भी निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई थी।
शेयर बाजार में गिरावट के आंकड़े
सितंबर 2024 में सेंसेक्स 85,978.25 अंकों के साथ अपने लाइफ टाइम हाई पर था, जो अब 75,311.06 अंकों तक गिर चुका है। यानी सेंसेक्स में 12.40% की गिरावट आ चुकी है। मिडकैप इंडेक्स 24 सितंबर 2024 को 49,701.15 अंकों पर था, जो अब 18.77% गिरकर 40,374.02 अंकों पर पहुंच गया है। स्मॉलकैप इंडेक्स 12 दिसंबर 2024 को 57,827.69 अंकों के साथ लाइफ टाइम हाई पर था, जो अब 20.70% गिरकर 45,856 अंकों पर आ चुका है।
म्यूचुअल फंड और एसआईपी पर प्रतिक्रिया
सेबी चीफ ने म्यूचुअल फंड्स में 250 रुपए की न्यूनतम एसआईपी (सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) को अनिवार्य करने की किसी योजना से इनकार किया। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि सुनिश्चित रिटर्न के नाम पर किसी भी गलत योजना पर कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
शेयर बाजार में मौजूदा गिरावट मुख्य रूप से मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों की वजह से आई है। सेबी पहले ही इनके उच्च मूल्यांकन पर चिंता जता चुका था। खुदरा निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है और निवेश से पहले कंपनियों की बुनियादी स्थिति (फंडामेंटल्स) को ध्यान से परखना चाहिए।