China vs America News / चीन अब मस्क को ऐसे मजा चखाने की तैयारी में, देखते रह जाएंगे डोनाल्ड ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनते ही एलन मस्क को बड़ी जिम्मेदारियां मिलीं, जिससे टेस्ला और स्टारलिंक का विस्तार तेज हो गया। चीन ने इसका तोड़ निकालते हुए जैक मा को एआई क्षेत्र में निवेश के लिए पुनः सक्रिय किया। साथ ही, 2030 तक 43,000 उपग्रह लॉन्च कर इंटरनेट प्रभुत्व हासिल करने की योजना बनाई है।

China vs America News: डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद उद्योगपति एलन मस्क की ताकत और बढ़ गई है। व्हाइट हाउस में मस्क को अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं, जिससे स्टारलिंक और टेस्ला का विस्तार तेज हो गया है। खास बात यह है कि मस्क ने इस विस्तार की शुरुआत भारत से की है, जहां वे अपनी कंपनियों के लिए बड़ा बाजार तलाश रहे हैं।

चीन ने बनाई रणनीति, इंटरनेट प्रभुत्व पर वार

एलन मस्क की बढ़ती ताकत से चीन सतर्क हो गया है और उसने इसका जवाब देने के लिए नई रणनीति तैयार की है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने हाल ही में तकनीकी उद्योगपतियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें इंटरनेट के क्षेत्र में मस्क के दबदबे को चुनौती देने की योजना पर चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, चीन अब मस्क को रोकने के लिए कई स्तरों पर काम कर रहा है।

जैक मा की वापसी और एआई में चीन का बड़ा दांव

अलीबाबा के संस्थापक जैक मा, जो पिछले कुछ वर्षों से साइडलाइन थे, अब फिर से चीन के तकनीकी क्षेत्र में सक्रिय हो गए हैं। शी जिनपिंग के साथ उनकी हालिया मुलाकात के बाद खबर आई है कि जैक मा अगले तीन वर्षों में एआई क्षेत्र में 55 बिलियन डॉलर (करीब 47 अरब रुपये) का निवेश करेंगे। यह कदम चीन को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में वैश्विक प्रभुत्व दिलाने की दिशा में अहम साबित हो सकता है।

स्टारलिंक को टक्कर देने की तैयारी

स्टारलिंक एलन मस्क का सबसे प्रभावशाली बिजनेस मॉडल है, जिसके जरिए वे वैश्विक इंटरनेट नेटवर्क पर प्रभुत्व जमा रहे हैं। चीन अब इस वर्चस्व को चुनौती देने के लिए अपनी स्पेस टेक्नोलॉजी को मजबूत कर रहा है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, बीजिंग 2030 तक कुल 43,000 लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) उपग्रह लॉन्च करने की योजना बना रहा है।

भविष्य की लड़ाई: इंटरनेट और राजनीति का संगम

चीन का लक्ष्य उन देशों में इंटरनेट सेवा देना है, जहां अमेरिका का सियासी प्रभाव सीमित है, जैसे पाकिस्तान, अफगानिस्तान और कुछ यूरोपीय देश। 2030 तक चीन का ‘स्पेससेल’ इंटरनेट का सबसे मजबूत माध्यम बनने की योजना पर काम कर रहा है, जिससे वह अमेरिकी प्रभाव को कम कर सके।

हालांकि, अमेरिका में हर चार साल में चुनाव होते हैं, और यदि ट्रंप या उनकी पार्टी सत्ता में कमजोर पड़ती है, तो 2030 से पहले ही मस्क के बिजनेस पर असर पड़ सकता है। ऐसे में आने वाले सालों में मस्क बनाम चीन की यह जंग और तेज होने की संभावना है।