Earthquake News / म्यांमार के बाद टोंगा में भी अब आया तगड़ा भूकंप, सुनामी की चेतावनी

थाईलैंड और म्यांमार में आए भूकंप के बाद अब टोंगा में 7.1 तीव्रता का भूकंप आया। प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र ने तटीय इलाकों के लिए चेतावनी जारी की। टोंगा 171 द्वीपों का देश है, जहां 100,000 से अधिक लोग रहते हैं। इससे पहले, म्यांमार और थाईलैंड में 1,700 से अधिक मौतें हुई थीं।

Earthquake News: दक्षिण प्रशांत क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। हाल ही में म्यांमार और थाईलैंड में आए विनाशकारी भूकंप के बाद अब टोंगा में एक शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया है।

टोंगा में 7.1 तीव्रता का भूकंप

अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण के अनुसार, सोमवार की सुबह टोंगा के मुख्य द्वीप से लगभग 100 किलोमीटर (62 मील) उत्तर-पूर्व में 7.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। इस भूकंप के कारण प्रशांत द्वीप देश के लिए सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई।

प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र ने कहा कि भूकंप के केंद्र से 300 किलोमीटर (185 मील) के भीतर स्थित तटीय इलाकों में खतरनाक लहरें उठ सकती हैं। हालांकि, अभी तक किसी बड़े नुकसान या हताहत होने की कोई रिपोर्ट नहीं आई है।

टोंगा, जो पोलिनेशिया में स्थित एक द्वीपीय देश है, 171 द्वीपों से मिलकर बना है और इसकी आबादी लगभग 100,000 है। इसका मुख्य द्वीप टोंगा टापू है, जहां अधिकांश लोग निवास करते हैं। यह देश ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तट से लगभग 3,500 किलोमीटर (2,000 मील) की दूरी पर स्थित है।

म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप से भारी तबाही

टोंगा में आए भूकंप से पहले, शुक्रवार को म्यांमार और थाईलैंड में भीषण भूकंप आया था, जिसने दोनों देशों में भारी तबाही मचाई। इमारतें ढह गईं, बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा और हजारों लोगों की जान चली गई।

म्यांमार में सत्तारूढ़ जुंटा के अनुसार, इस भूकंप से अब तक लगभग 1,700 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 3,400 लोग घायल हैं और लगभग 300 लोग लापता हैं।

थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भी इस भूकंप के प्रभाव देखे गए। शहर के अधिकारियों के अनुसार, बैंकॉक में मरने वालों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। बैंकॉक मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी के अनुसार, 32 लोग घायल हुए हैं और 82 लोग अभी भी लापता हैं। इनमें से अधिकतर लोग एक निर्माणाधीन 30-मंजिला टावर ब्लॉक में काम कर रहे थे, जो 7.7 तीव्रता के भूकंप के दौरान ढह गया।

भूकंप के झटकों से इमारतें ध्वस्त, सड़कों और पुलों को नुकसान

शुक्रवार को आए इस भूकंप का केंद्र मध्य म्यांमार के सागाइंग शहर के उत्तर-पश्चिम में था, जिसके कुछ मिनट बाद ही 6.7 तीव्रता का दूसरा झटका आया। इसने पूरे देश में इमारतों को नष्ट कर दिया, पुलों को गिरा दिया और सड़कों को भारी नुकसान पहुंचाया।

देश के दूसरे सबसे बड़े शहर मांडले, जिसकी आबादी 1.7 मिलियन से अधिक है, में भी भारी तबाही देखी गई। यहां कई ऐतिहासिक और आधुनिक इमारतें धराशायी हो गईं, जिससे लोगों में भय और दहशत का माहौल बन गया।

दक्षिण प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती भूगर्भीय अस्थिरता

टोंगा, म्यांमार और थाईलैंड में आए ये हालिया भूकंप इस क्षेत्र में बढ़ती भूगर्भीय अस्थिरता को दर्शाते हैं। प्रशांत महासागर के चारों ओर स्थित ‘रिंग ऑफ फायर’ में लगातार भूकंपीय हलचल दर्ज की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में आने वाले दिनों में और अधिक भूकंपीय गतिविधियां हो सकती हैं।

हालांकि, टोंगा में आए भूकंप से फिलहाल बड़े नुकसान की कोई रिपोर्ट नहीं आई है, लेकिन अधिकारियों ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है। प्रशांत महासागर के द्वीपीय देशों को सुनामी और अन्य संभावित खतरों के लिए तैयार रहने की जरूरत है।